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राहत इंदौरी, एक ऐसे कलाकार थे जो अपनी शायरी के जरिए हर दिल की तक़दीर बदल देते थे। उनकी अनगिनत कविताएँ उन्हें शायरी के महानुभावी के रूप में प्रसिद्ध कर देती हैं। इनकी शायरी में भावनाओं की गहराई और ज़िंदगी के सबके मोमबत्ती जला देने वाले अल्फाज़ छुपे होते हैं।
राहत इंदौरी का जन्म 1 जनवरी, 1950 को इंदौर, मध्य प्रदेश में हुआ था। उनकी शायरी में एक सांस में छुपे हुए सच्चे भावों का सफर है, जो हमें जीवन की महकसूसी से रूबरू करते हैं। उनके अल्फाज़ हर व्यक्ति के दिल की तारों को छू जाते हैं और उन्हें अपने आप में खो जाने का एहसास कराते हैं।
राहत इंदौरी की शायरी में सबसे खास बात यह है कि वे अपने शब्दों को सादगी से भर देते थे और अपने विचारों को सीधे दिल से जताते थे। उनकी कविताएँ जीवन के हर पहलू को समझाती हैं और उसमें आनंद और गहराई का अहसास कराती हैं।
राहत इंदौरी की शायरी के प्रशंसक हर जगह उनके अल्फाज़ की तारीफ करते हैं और उन्हें अपने दिल के क़रीब रखते हैं। उनकी कविताएँ सोशल मीडिया पर भी वायरल होती हैं और लाखों लोग उन्हें साझा करते हैं।
राहत इंदौरी के शब्द दर्द भरे थे, जिनसे हम अपने जीवन के विभिन्न पहलूओं में संबंध बना सकते हैं। उनकी शायरी के माध्यम से हमें प्यार, दर्द, खुशियाँ, और जीवन के हर रंग का अनुभव होता है। इसलिए, राहत इंदौरी की शायरी को आपने दिल से जुड़े रिश्तों को और गहरा बना सकती है।
अगर आप भी राहत इंदौरी की शायरी के दीवाने हैं, तो उनकी कविताओं को समझें, उनसे प्रभावित हों, और उन्हें दुनिया के साथ साझा करें। राहत इंदौरी के शब्दों में छिपी राहत को पाने के लिए उनकी शायरी की दुनिया में सफर करें और उनके शब्दों से अपने दिल को सहारा दें।
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"लब पे आती है दुआ बन के तमन्ना मेरी,
जिंदगी शमा की सूरत हो खुदाया मेरी।"
"किसी के ज़रिये ज़बाँ पर आये तो क्या करूं,
रखूं दिल तेरे लिए या दिलदार ज़रूरी है।"
"बे-दाग़ सियाही से फ़रिश्ते हैं रोशनी करते,
आए हैं उनकी ये माँगते दुआ करते।"
"उदासी की इन्हीं बस्तियों का तो कहना है,
ग़म मिले तो मुझे ख़बर करना।"
"इश्क़ लगाकर जायेंगे तबाह भी कर देंगे,
हर बार इक नयी मोहब्बत को नयी वजह देंगे।"
"मैं रास्ते बदलता हूं, मंज़िल नहीं बदलती,
मेरे होने से हर बार, ये साल नहीं बदलते।"
"जब रात को ख्वाबों का सजगार देखा है,
जब दिन को ख्वाबों का पिंजरा देखा है।"
"कुछ इस तरह से मेरे शब्दों को समझना,
वरना किताबों को देखकर तो लोग भी देखते हैं।"
"इंसां बनता नहीं बन जाता है,
मुहब्बत में अगर जिद्द न हो तो।"
"हम वहां हैं, जहां से हमको भी,
कुछ हमारे ख़यालात गुज़रते होंगे।"
"जानते होंगे ज़माने वाले कि कौन है उसकी महब्बत,
उस बेवफ़ा से पूछो, जिसने हर एक को धोखा दिया है।"
"हर रोज़ वफ़ा की तलाश में निकल पड़ते हैं,
और हमें तो ख़्वाबों में भी इनका इंतज़ार रहता है।"
"जितना बेकार हैं तुम्हारे ख़याल में हम,
उतने ही कामयाब हैं हम अपने ख़यालों में।"
"न माँगा कुछ तुझसे, न दिया कुछ मैने,
फिर भी क्यों एहसास हैं, तेरे होने का।"
"तेरे ज़ज़्बात में उतर जाने को जी चाहता है,
और फिर सोचता हूं, कहीं रास्ते में तुम्हारे दिल न आ जाए।"
"आँखों में आँसू भर के तेरे ख़यालों में रह लेते हैं,
उन ख़यालों को पलकों पर सजा के बह लेते हैं।"
"किसी को दिल से चाहो, तो फिर वो अपना हो जाता है,
बड़े शौक से रखो, तो फिर वो पराया हो जाता है।"
"हँसने के बहाने धूंध लेते हैं ज़िन्दगी को,
आँसू बहाने का बहाना हमें आता नहीं।"
"ज़माने बदले, लोग बदले, मगर हम न बदले,
हमारे अंदर की मोहब्बत कभी न बदले।"
"बदलते नहीं रहते हम, मगर यादें हमेशा बदलती हैं,
वक़्त के साथ बदल जाते हैं रिश्ते, अपनों की मोहब्बत नहीं।"
"अगर बुरी लगे तो माफ कर देना,
क्योंकि तेरी यादों की रोज़ इंतेहाँ हो जाती है।"
"बारिश की बूँदों की तरह,
आँखों में ख़वाबों को सजा के रह जाते हैं।"
"कुछ ज़ख़्म ऐसे होते हैं जो दिखाए नहीं जाते,
पर इन ज़ख़्मों की दर्द की कहानी अपने अपने होते हैं।"
"हम तो वक़्त के पीछे भागते रहे,
और वक़्त हमारे पीछे भागता रहा।"
"ना किसी की दिलदारी का नाम पूछो,
ना रिश्ते की क़ीमत का अंदाज़ करो।"
"अब तो ख़ुद को खो चुके हैं,
अब तो तुम्हारे ख्वाबों में ही रहने दो हमें।"
"ज़िन्दगी की राह में मोड़ आएंगे,
हम इस दाग़ में भी मोहब्बत ढूंढ लेंगे।"
"किसी को अपना बनाने की ज़रूरत नहीं है,
बस वो बन कर रह जाए, ये दिल की आरज़ू है।"
"कितना दर्द होता है तुझसे दूर होकर,
जब तू पास होता है तो रहने को दिल करता है।"
"दिल के रिश्तों को बढ़ाने का वक़्त आया है,
कुछ दिलों को जोड़ने का वक़्त आया है।"
"दर्द भरी मोहब्बत की सज़ा से डरते हैं हम,
अपने दिल की धड़कन से डरते हैं हम।"
"हम कितने अकेले हो जाते हैं,
जब दिल की दुनिया बदल जाती है।"
"क्या हुआ जो हम तेरे नहीं हो सकते,
हम तो तेरे इंतेज़ार में ख़ुद को खो सकते हैं।"
"खुद को इज़्ज़तदार समझ बैठे,
और जिंदगी को मज़ाक समझ बैठे।"
"किसी शहर में रहकर भी हम,
खुद को बेशकीमत पा लेते हैं।"
"मोहब्बत के इरादे थे हमारे दिल में,
पर वक़्त ने अपने अंदाज़ से दी दस्तक।"
"जिंदगी अब तो ख़ुद ही रंगीन है,
हम तो बस उसके रंगों में खो जाते हैं।"
"खुद को समझ के दुनिया को समझाना,
इससे ज्यादा मुश्किल कोई काम नहीं।"
"तुमसे मोहब्बत करके ये अहसास हुआ,
ज़िंदगी में सब कुछ ज़बरदस्त हुआ।"
"जब तुमसे मोहब्बत हुई,
तब तक़दीर भी मज़बूत हुई।"
"कभी किसी से इंकार मत करना,
जो तुम्हारे दिल के क़रीब हों वो ख़ास होते हैं।"
"दर्द का इलाज़ करना भूल जाते हैं हम,
जब दर्द में दीवाने हो जाते हैं हम।"
"तुम्हें पाने की चाहत हुई इतनी,
की हमने ख़ुद को खो बैठे।"
"ख़ुदा ज़िंदगी देता हैं,
और ज़िंदगी ख़ुदा को देती हैं।"
"हमने भी कभी एहसास किया था,
कितनी ज़िन्दगियाँ इंतज़ार में गुज़ार दी।"
"अब तो ख़ुद को भी तुझसे बढ़कर चाहत है,
तुम्हें पाने की आरज़ू हमें तुझसे ज्यादा है।"
"तेरी आँखों की इन ज़लकों को समझा है हमने,
वरना हम भी अब तक आँखों में नमी देखा करते थे।"
"बेवफ़ाई की राहों में हम भटक जाते हैं,
तेरी यादों के सफ़र में हम उलझ जाते हैं।"
"ख़ुद से ज्यादा ख़्वाब बड़े होते हैं,
और हम तो बस तुझसे मिलने के ख़्वाब देखते हैं।"
"कभी हम भी बेवफ़ा हुआ करते थे,
अब तो वक़्त ही हमें बेवफ़ा हुआ करता है।"
"जिंदगी का हर रास्ता हसीं है,
हर कदम पर अलग ज़िंदगी की तसव्वुर है।"
"इश्क़ की बारिश में भीगते हुए ज़िंदगी हैं हम,
हर एक बूंद में मोहब्बत का एहसास हैं हम।"
"क्या करेंगे तेरी तस्वीर के सिवा,
जब तेरे सिवा कोई और नज़र नहीं आता।"
"हम भी वक़्त के साथ बदल जाते हैं,
और वक़्त भी हमारे साथ बदल जाता है।"
"तेरे ख़्वाबों की गलियों में खो जाते हैं हम,
और ज़िंदगी के सफ़र में भटक जाते हैं हम।"
"दिल के जज़्बात हमारे अपने नहीं रहते,
वो तो तेरे ख्वाबों में ही बसे रहते हैं।"
"दिल की आवाज़ को सुनते जाओ,
तुम्हें खोने का डर हमें सताता है।"
"हम भी ज़िन्दगी की राहों में गुम हैं,
और राहों को हमारी ख़्वाहिशें भटकाती हैं।"
"कुछ इस तरह से ज़िंदगी को जीते हैं हम,
जैसे रात को चाँदनी के साथ जीते हैं हम।"
"तेरे इंतेज़ार में ख़ुद को खो बैठे हैं हम,
और तेरे मिलने की आरज़ू में जीते हैं हम।"
"ज़िंदगी के सफ़र में तेरे साथ चलना हैं हमें,
क्योंकि तू ही हैं जिंदगी का मतलब हैं हमें।"
"तेरी यादों के साए में खोये रहते हैं हम,
और उन यादों के साथ जी रहे हैं हम।"
"दर्द भरी तेरी आँखों को देखकर,
हम भी अब तक़दीर की चाल जान लेते हैं।"
"हर रात तेरी ख्वाबों में खो जाते हैं हम,
और सुबह तेरी आँखों में खो जाते हैं हम।"
"तेरे होने से ही ज़िंदगी मिली हैं हमें,
तेरे बिना हम बेहाल हो जाते हैं हम।"
"ज़िंदगी में हर क़दम तेरी यादों के साथ रखा हैं,
तू न हो तो हम इंसानियत भी भूल जाते हैं।"
"तेरे इश्क़ में हम पागल हो गए हैं,
तुझसे मिलने की चाहत में बेक़रार हो गए हैं।"
"तेरे इंतेज़ार में बेकरार होते हैं हम,
और जब तू नहीं आती तो बेख़बर होते हैं हम।"
"हम तेरी यादों में खो जाते हैं,
और तेरी यादों में जी जाते हैं।"
"तेरे इश्क़ में डूबे हुए हैं हम,
और तेरे इश्क़ में पागल हो गए हैं हम।"
"हम तेरे इंतेज़ार में जी रहे हैं,
और तेरे मिलने की ख़्वाहिश में बेक़रार हो रहे हैं हम।"
"ज़िंदगी में तेरे आने की आशा से जीते हैं हम,
और तेरे जाने की ख़बर से बेहाल हो जाते हैं हम।"
"तेरे बिना हम अधूरे हैं,
और तेरे साथ हम पूरे हैं।"
"तेरे आने से हमें ख़ुशियाँ मिली हैं,
और तेरे जाने से आंसू बहाने पड़े हैं।"
"तेरी आँखों में आँसू देख कर,
हम ख़ुद भी रुला देते हैं।"
"तेरी यादें हमारी जिंदगी हैं,
और तेरी यादों से हम जीते हैं।"
"तेरे इश्क़ में हम मदहोश हो गए हैं,
और तेरे इश्क़ में ज़ाहिर हो गए हैं हम।"
"तेरी आँखों की दीवारों पर चित्र बनाए बैठे हैं हम,
और तेरे साथ बिताए पलों के दीवारे सजाए बैठे हैं हम।"
"हम तेरे बिना अधूरे हैं,
और तेरे साथ हम पूरे हैं।"
"तेरे बिना हम बेचैन हैं,
और तेरे साथ हम चैन से सोते हैं।"
"तेरे इंतेज़ार में दिन बिताए बैठे हैं हम,
और तेरे मिलने की आस में रात बिताए बैठे हैं हम।"
"तेरे आने से हमें ख़ुशियाँ मिली हैं,
और तेरे जाने से हमें आंसू बहाने पड़े हैं।"
"तेरे बिना हम अधूरे हैं,
और तेरे साथ हम पूरे हैं।"
"तेरे इश्क़ में हम मदहोश हो गए हैं,
और तेरे इश्क़ में ज़ाहिर हो गए हैं हम।"
"तेरी आँखों की दीवारों पर चित्र बनाए बैठे हैं हम,
और तेरे साथ बिताए पलों के दीवारे सजाए बैठे हैं हम।"
"तेरे बिना हम अधूरे हैं,
और तेरे साथ हम पूरे हैं।"
"तेरे बिना हम बेचैन हैं,
और तेरे साथ हम चैन से सोते हैं।"
"तेरे इंतेज़ार में दिन बिताए बैठे हैं हम,
और तेरे मिलने की आस में रात बिताए बैठे हैं हम।"
"तेरे आने से हमें ख़ुशियाँ मिली हैं,
और तेरे जाने से हमें आंसू बहाने पड़े हैं।"
"तेरे बिना हम अधूरे हैं,
और तेरे साथ हम पूरे हैं।"
"तेरे इश्क़ में हम मदहोश हो गए हैं,
और तेरे इश्क़ में ज़ाहिर हो गए हैं हम।"
"तेरी आँखों की दीवारों पर चित्र बनाए बैठे हैं हम,
और तेरे साथ बिताए पलों के दीवारे सजाए बैठे हैं हम।"
"तेरे बिना हम अधूरे हैं,
और तेरे साथ हम पूरे हैं।"
"तेरे बिना हम बेचैन हैं,
और तेरे साथ हम चैन से सोते हैं।"
"तेरे इंतेज़ार में दिन बिताए बैठे हैं हम,
और तेरे मिलने की आस में रात बिताए बैठे हैं हम।"
"तेरे आने से हमें ख़ुशियाँ मिली हैं,
और तेरे जाने से हमें आंसू बहाने पड़े हैं।"
"तेरे बिना हम अधूरे हैं,
और तेरे साथ हम पूरे हैं।"
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और तेरे इश्क़ में ज़ाहिर हो गए हैं हम।"
"तेरी आँखों की दीवारों पर चित्र बनाए बैठे हैं हम,
और तेरे साथ बिताए पलों के दीवारे सजाए बैठे हैं हम।"
"तेरे बिना हम अधूरे हैं,
और तेरे साथ हम पूरे हैं।"

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